· पंजाब स्कूली शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर नंबर एक बना: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
Punjab Tops School Education
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब हर पंजाबी और सिख के लिए सर्वोच्च है, लेकिन कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस संस्था का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव तुरंत कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अब धार्मिक संस्थाओं को उन लोगों के गलबे में रहने देने का बोझ और बर्दाश्त नहीं कर सकता, जिन्होंने सियासी फायदा लेने के लिए आस्था का शोषण किया और सूबे को बर्बादी की ओर धकेलने वाले माफिया को संरक्षण दिया।
मौड़ हलके के ऐतिहासिक गांव मंडी कलां में विशाल 'लोक मिलनी' के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां उनकी सरकार ने बेअदबी के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026' बनाया है, वहीं दूसरी तरफ 'मांवाँ-धीयां सम्मान योजना' के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है, नहरी सिंचाई के विस्तार और दिन में बिजली आपूर्ति के जरिए किसानों को सुरक्षित किया जा रहा है और शिक्षा में सुधार करके पंजाब को स्कूली शिक्षा में देश का नंबर एक राज्य बनाया जा रहा है। उन्होंने गांव के विकास के लिए 50 लाख रुपये की ग्रांट देने, नई लाइब्रेरी खोलने और गांव की 55 साल पुरानी धर्मशाला के नवीनीकरण की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब की पवित्रता, शिरोमणि कमेटी की भूमिका, जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2026, कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा सुधारों, सिंचाई के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और पंजाब के सर्वांगीण विकास सहित कई मुद्दों पर विस्तार से बात की। .jpeg)
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "श्री अकाल तख्त साहिब हर सिख के लिए पवित्र है और इसे कौम का सर्वोच्च तख्त माना जाता है। यह एक बहुत ही पूजनीय स्थान है, जहां से हर सिख ईश्वरीय शांति और शक्ति प्राप्त करता है। हालांकि, कुछ गलत तत्वों ने इस पवित्र संस्था पर कब्जा कर लिया है और यह एहसास किए बिना फैसले ले रहे हैं कि यह हमारा पवित्र स्थान है। मैंने श्री अकाल तख्त साहिब के आगे इसलिए मत्था टेका क्योंकि यह हर पंजाबी और सिखों के लिए सर्वोच्च है। लेकिन कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इसका दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "मैंने भारत सरकार को लिखा है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव हुए 14 साल हो गए हैं। यह संस्था आज बेहद खराब हालत में है।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "बाढ़ के दौरान सुखबीर सिंह बादल द्वारा बांटा गया पैसा उनकी अपनी खून-पसीने की कमाई नहीं थी। यह गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई भेंट का पैसा था। गरीब से गरीब व्यक्ति भी माता-पिता के अंतिम संस्कार के समय गुरुद्वारा साहिब में कुछ न कुछ योगदान देता है। लेकिन सुखबीर सिंह बादल ने अपने पिता के भोग के समय लंगर का प्रबंध तक नहीं किया और इसके बजाय श्री मुक्तसर साहिब से लंगर लेकर आए।" 
उन्होंने आगे कहा, "बादल परिवार ने जमीन, रेत, 'चिट्टे', ट्रांसपोर्ट और अन्य माफिया को संरक्षण देकर पंजाब में सब कुछ हड़प लिया। उन्होंने सूबे को बर्बाद कर दिया और यहां के लोगों को बहुत दुख दिए। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए पंथ का दुरुपयोग किया। लोगों ने उन्हें गुरु साहिबान के नाम पर वोट दिए, लेकिन उन्होंने गुरबानी का निरादर किया। अकालियों और बादल परिवार द्वारा पंजाब और इसके लोगों के साथ किए गए जुल्म की लंबी दास्तान है। जनता उन्हें इन करतूतों के लिए कभी माफ नहीं कर सकती।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "ईश्वर ने मुझे 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026' बनाकर मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है, जो बेअदबी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करता है। इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो दोषी की संपत्ति बेची जा सकती है ताकि आने वाली पीढ़ियां गुरु साहिब का निरादर करने और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के अंजाम को याद रखें।"
भगवंत सिंह मान ने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि यह कानून एक मजबूत प्रतिरोधक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण हरकत करने की हिम्मत नहीं करेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं और इसकी पवित्रता को बनाए रखना हम सब का साझा कर्तव्य है।"
उन्होंने कहा, "अकालियों ने सियासी फायदे के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग उन्हें इसके लिए कभी माफ नहीं कर सकते। मैं अपने आप को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस ऐतिहासिक कानून को बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।" 
विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक सियासी पार्टियां इसके लिए झूठा प्रचार कर रही हैं क्योंकि वे लोगों के सामने बेनकाब होने से डरती हैं। उन्होंने आगे कहा, "इन नेताओं ने अपने सियासी हितों के लिए धर्म, जात-पात और नफरत के नाम पर लोगों को गुमराह किया। पद संभालने के बाद मैंने अपनी जिंदगी का हर पल लोगों की भलाई के लिए लगाया है और यही कारण है कि विरोधी परेशान हैं। सभी पारंपरिक पार्टियां मुझे लोगों की भलाई के लिए काम करने से रोकने के लिए मेरे खिलाफ इकट्ठी हो गई हैं। हालांकि उनकी ये हरकतें मुझे पंजाब और इसके लोगों की सेवा करने से कभी नहीं रोक सकतीं।"
कांग्रेस पार्टी पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि हर कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस में हर नेता सूबे का मुखिया बनने की इच्छा रखता है। पार्टी के पास आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री के दावेदार हैं। कांग्रेसी नेता दिन-दहाड़े सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं। यह पार्टी आपसी फूट का शिकार है और अपनी आंतरिक लड़ाई के बोझ तले ही दबकर रह जाएगी। उनके पास पंजाब के लिए कोई विजन नहीं है और वे सिर्फ सत्ता हथियाने और सूबे के संसाधनों की लूट करने में दिलचस्पी रखते हैं। उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे क्योंकि लोग उनके इरादों से पूरी तरह वाकिफ हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार के शासन में पंजाब में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा, "पहले पारंपरिक पार्टियां सिर्फ सत्ता पर काबिज होने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं। आज झाड़ू इन पार्टियों द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ कर रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "2022 के विधानसभा चुनावों में लोगों ने सात पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को नकार दिया था। पंजाब ने एक ईमानदार सरकार चुनी, जिसने जनता की भलाई के लिए अथक काम किया है। उस ऐतिहासिक फैसले ने पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाई है।"
'मांवां -धीयां सम्मान योजना' का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना पूरे पंजाब में महिलाओं को सशक्त बनाएगी। उन्होंने आगे कहा, “मैं पहले भी कई बड़ी योजनाओं की घोषणा कर चुका हूं, लेकिन मुझे विशेष रूप से खुशी है कि राज्य सरकार अब माताओं और बहनों के लिए 'मां-बेटी सम्मान योजना' शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस योजना के तहत पंजाब की 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। पात्र लाभार्थियों को 1 जुलाई से लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह मिलनी कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। यह लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का एक अवसर है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने भी आम नागरिकों के कल्याण पर ध्यान नहीं दिया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जो राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व है।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसे समय में जब राष्ट्रीय संपत्तियां कौड़ियों के भाव कुछ चुनिंदा लोगों को सौंपी जा रही हैं, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर और उसका नाम श्री गुरु अमर दास जी के नाम पर रखकर इतिहास रच दिया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा फीस में मनमाने ढंग से वृद्धि रोकने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा, “हमने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य स्कूल फीस ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों को फीस में मनमानी वृद्धि के कारण पड़ने वाले वित्तीय बोझ से बचाना है। इस अध्यादेश के तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इसका उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्स का पैसा जनता का है और हम विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से यह पैसा वापस जनता को लौटा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जनता का पैसा बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और बुनियादी ढांचे के रूप में जनता तक वापस पहुंच रहा है। हमने मुफ्त बिजली, भ्रष्टाचार और सिफारिश के बिना 68,000 से अधिक युवाओं को नौकरियां, बेहतर सड़कें और अवधि पूरी कर चुके टोल प्लाजा बंद करने जैसे कदम उठाए हैं, जिससे लोगों की प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। इसके साथ ही पूरे पंजाब में बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था। आज यह आंकड़ा 80 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। ‘आप’ सरकार ने सिंचाई बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार किए हैं।” उन्होंने कहा, “हमने पूरे पंजाब में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ नई जलवाहिकाएं बनाई हैं और पुरानी नहरों व खालों को पुनर्जीवित तथा मजबूत किया है। किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन जलमार्गों के माध्यम से लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह मात्रा दो भाखड़ा नहरों की आपूर्ति के बराबर है और इससे राज्यभर के किसानों को बड़ा लाभ हो रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूजल स्तर में सुधार के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, “कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। इस पहल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा करना है, क्योंकि पंजाब की पहचान और अस्तित्व पानी से गहराई से जुड़ा हुआ है।”
उन्होंने कहा, “कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी और सामाजिक चुनौतियों को समाप्त नहीं कर सकती। केवल शिक्षा ही जीवन को ऊंचा उठाने और उसमें सुधार लाने की कुंजी है।”
शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार के समर्पित प्रयासों के कारण प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। हमने स्कूलों को अपग्रेड किया, शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया, स्मार्ट कक्षाएं बनाई और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप पंजाब अब शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी हालिया आंकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार वर्षों से हम लगातार शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट कक्षाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। पहले केरल शीर्ष स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से यह स्थान हासिल किया है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधकार को दूर करती है। इसलिए यह क्षेत्र हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी क्रांति लाई है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। प्रत्येक परिवार वार्षिक 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर चुके हैं और लोगों ने इस योजना के तहत अब तक लगभग 650 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज का लाभ उठाया है। मैं प्रत्येक पात्र परिवार से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने कृषि क्षेत्र को बिजली आपूर्ति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान कृषि मोटरों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है। किसानों को अब सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनका जीवन आसान हुआ है और कृषि को भी काफी लाभ मिला है।”